BhaktiVed
कृष्ण

हरि, जेवो तेवो हुं दास तमारो

भजनरचना: દયારામ (Dayaram)
लिपि
अक्षर आकार

स्रोत और संपादकीय समीक्षा · समीक्षा दर्ज नहीं है
स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/હરિ,_જેવો_તેવો_હું_દાસ_તમારો (revision 204547)
स्रोत का विवरण
Text taken from the Wikisource transcription; script-converted to Devanagari

उपलब्ध स्रोत और समीक्षा का विवरण यहाँ दिया जाता है। लिपि बदलना अनुवाद नहीं है। परंपराओं में पाठांतर हो सकते हैं।

हरि, जेवो तेवो हुं दास तमारो

हरि, जेवो तेवो हुं दास तमारो

करुणासिंधु ग्रहो कर मारो ..

सांकडाना साथी शामळिया, छो बगड्याना बेली,

शरण पड्यो खल अमित कुकर्मी, तदपि न मुको ठेली ..

निज जन जूठानी जाति लज्जा, राखो छो श्रीरणछोड,

शून्य-भाग्यने सफळ करो छो, पूरो वरद बळ कोड ..

अवळनुं सवळ करो सुंदरवर, ज्यारे जन जाय हारी,

अयोग्य योग्य, पतित करो पावन, प्रभु दुःख-दुष्कृत्यहारी ..

विनति विना रक्षक निज जनना, दोष तणा गुण जाणो,

स्मरण करतां संकट टाळो, गणो न मोटो नानो ..

विकळ पराधीन पीडा प्रजाळो, अंतरनुं दुःख जाणो,

आरत बंधु सहिष्णु अभयंकर, अवगुण नव आणो ..

सर्वेश्वर सर्वात्मा स्वतंत्र दया प्रीतम गिरिधारी,

शरणागत-वत्सल श्रीजी मारे, मोटी छे ओथ तमारी ..

इस पाठ का वीडियो नहीं है।YouTube पर खोजें

ये भी पढ़ें