BhaktiVed
शिव

जीव ने शिवनी थई एकता

भजनरचना: ગંગાસતી (Gangasati)
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स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/જીવ_ને_શિવની_થઈ_એકતા (revision 199938)
स्रोत का विवरण
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जीव ने शिवनी थई एकता

जीव ने शिवनी थई एकता

ने पछी कहेवुं नथी रह्युं कांई रे,

द्वादश पीधो जेणे प्रेमथी ने ते

समाई रह्यो सुननी मांय रे ... जीव ने.

तमे हरि हवे भरपूर भाळ्या

ने वरतो कायम त्रिगुणथी पार रे,

रमो सदा एना संगमां

ने सुरता लगाडो बावन बार रे ... जीव ने.

मूळ प्रकृतिथी छूटी गया

ने तूटी गई सघळी भ्रांत रे,

तमारुं स्वरूप तमे जोई लीधुं,

ने ज्यां वरसो सदा स्वांत रे ... जीव ने.

सदा आनंद हरिना स्वरूपमां जे

ज्यां मटी मननी ताणा वाण रे;

गंगा रे सती एम बोलियां रे,

तमे पद पाम्या निर्वाण रे ... जीव ने.

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