BhaktiVed
कृष्ण

काळज कोर्युं ते कोने कहीए

भजनरचना: દયારામ (Dayaram)
लिपि
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स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/કાળજ_કોર્યું_તે_કોને_કહીએ (revision 195414)
स्रोत का विवरण
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काळजडुं कोर्युं ते कोने कहीयेरे, ओधव छेल छबीलडे. टेक

वेरी होये तो वढतारें फाविये, पण प्राणथी प्यारो एने लहीयेरे! ओधव.

धीकिये ढांक्या ते कहे नव शोभिये, डाह्यां शुं वाह्यां न्हाने छइये रे! ओधव.

सोडनो घाव मार्यो स्नेही शामळिये, किया राजाने रावे जईयेरे. ओधव.

कळ न पडे कांइ पेर न सूझे, रात दिवस घेलां रहियेरे. ओधव.

कांइ वस्तुमां क्षण चित्त न चोहोटे, अलबेलो आवी बेठो हइयेरे. ओधव.

दयाना प्रीतमजीने एटलुं कहेजो, क्यां सुधी आवां दुख सहियेरे. ओधव.

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