BhaktiVed
कृष्ण

लज्जा मोरी राखो श्याम हरि

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)
लिपि
अक्षर आकार

स्रोत और संपादकीय समीक्षा · समीक्षा दर्ज नहीं है
स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/લજ્જા_મોરી_રાખો_શ્યામ_હરિ (revision 197484)
स्रोत का विवरण
Text taken from the Wikisource transcription; script-converted to Devanagari

उपलब्ध स्रोत और समीक्षा का विवरण यहाँ दिया जाता है। लिपि बदलना अनुवाद नहीं है। परंपराओं में पाठांतर हो सकते हैं।

राखो रे श्याम हरि लज्जा मोरी, राखो श्याम हरि. टेक.

भीमही बेठे, अर्जुन ही बेठे, तेणे मारी गरज न सरी लज्जा०

दुष्ट दुर्योधन चीरने खेंचावे, सभा बीच खडी रे करी लज्जा०

गरुड चडीने गोविंदजी रे आव्या, चीरनां तो वा’ण भरी लज्जा०

बाई मीरां के प्रभु गिरिधरना गुण, चरणे आवी तो ऊगरी लज्जा०

इस पाठ का वीडियो नहीं है।YouTube पर खोजें

ये भी पढ़ें