BhaktiVed
कृष्ण

आली म्हाने लागे वृन्दावन नीको

भजनरचना: मीराबाई (Meera Bai)

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आली म्हाने लागे वृन्दावन नीको।

घर घर तुलसी ठाकुर पूजा, दरसण गोविन्दजी को।

आली म्हाने लागे वृन्दावन नीको।

निरमल नीर बहत जमुना में, भोजन दूध दही को।

आली म्हाने लागे वृन्दावन नीको।

रतन सिंघासण आप बिराजैं, मुकुट धरयो तुलसी को।

आली म्हाने लागे वृन्दावन नीको।

कुंजन कुंजन फिरत राधिका, सबद सुणत मुरली को।

आली म्हाने लागे वृन्दावन नीको।

मीरा के प्रभु गिरिधर नागर, भजन बिना नर फीको।

आली म्हाने लागे वृन्दावन नीको।

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स्रोत: Meera Bai pad; standard Meera Padavali text as commonly sung

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