BhaktiVed
ॐ

मोगरा फुलला

abhangरचना: संत ज्ञानेश्वर (Sant Dnyaneshwar)

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मोगरा फुलला, मोगरा फुलला।

फुले वेचिता बहरु कळियांसी आला॥

इवलेसे रोप लावियले द्वारी।

त्याचा वेलु गेला गगनावेरी॥

मनाचिये गुंती गुंफियेला शेला।

बाप रखुमादेवीवरु विठ्ठले अर्पिला॥

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स्रोत: Dnyaneshwar virahini / abhang; standard text

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