BhaktiVed
कृष्ण

नाखेल प्रेमनी दोरी

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)
लिपि
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स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/નાખેલ_પ્રેમની_દોરી (revision 196434)
स्रोत का विवरण
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नांखेल प्रेमनी दोरी, गळामां अमने टेक.

आनी कोरे गंगा व्हाला ! पेली कोरे यमुना व्हाला;

वचमां कानुडो नाखे फेरी रे— गळामां अमने. १.

वृन्दा रे वनमां व्हाले धेन चरावी,

वांसळी वगाडे घेरी घेरी— गळामां अमने. २.

जळ रे जमुनानां अमे पाणीडां ग्यां’तां,

भरी गागर नाखी ढोळी— गळामां अमने. ३.

वृंदा रे वनमां वा’ले रास रच्यो रे,

का’न काळो ने राधा गोरी— गळामां अमने. ४.

बाई मीरां कहे प्रभु गिरिधरना गुण वा’ला,

चरणोनी दासी पिया तोरी— गळामां अमने. ५.

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