BhaktiVed
कृष्ण

पारणे पोढ्यां श्री पुरषोत्तम

भजनरचना: નરસિંહ મહેતા (Narsinh Mehta)
लिपि
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स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/પારણે_પોઢ્યાં_શ્રી_પુરષોત્તમ (revision 209149)
स्रोत का विवरण
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पारणे पोढ्यां श्री पुरषोत्तम

पारणे पोढ्यां श्री पुरषोत्तम माताने हरख न माय रे;

आनन्द्या व्रजवासी सहु को, मानुनी मंगळ गाय रे. -पारणे.

साव सोनानुं पारणुं रे, माणेक मोतीए जडिउं रे;

चोदिश रत्ननी कांति विराजे, झाझे हीरे भरियुं रे.-पारणे.

हींडोळे ऊभा उल्लासे घम घम घूघरा घमके रे;

कहान कुंवर अवलोकी जोतां मानिनीना मन टमके ए. -पारणे.

धन्य धन्य नंद जशोमती माता, धन्य ध्न्य गोकुळगाम रे;

नरसैयानो स्वामी अवतरियो करव भक्तना काम रे. -पारणे.

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