BhaktiVed
शिव

समरु सांज सवेरा

भजनरचना: રવિ સાહેબ (Ravi Saheb)
लिपि
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स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/સમરુ_સાંજ_સવેરા (revision 206475)
स्रोत का विवरण
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समरु सांज सवेरा

समरु सांज सवेरा, एवा गुणना पति सूंढाळा रे, सूंढाळा जी.

माता रे कहीये जेनी पार्वति, ए स्वामी,

हे पिता रे शंकर देवा... एवा गुणना..

गीरे सिंदुरनी तमने सेवा चढे रे स्वामी,

हे गळे फुलडांनी माळा... एवा गुणना..

मयुर मुंगट, सीरे छत्र बिराजे स्वामी,

हे काने कुंडळ माळा... एवा गुणना..

अढारे वरणना तमे विघ्न हरो छो स्वामी,

हे धरमे बांधेल धर्मशाळा... एवा गुणना..

कहे रविराम संतो भाणना प्रतापे स्वामी,

हे खोले ब्रह्मना रे ताळा... एवा गुणना..

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