BhaktiVed
कृष्ण

सांभळो कामनी कृष्ण कायर कहे

garbaरचना: નરસિંહ મહેતા (Narsinh Mehta)
लिपि
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स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/સાંભળો_કામની_કૃષ્ણ_કાયર_કહે (revision 183183)
स्रोत का विवरण
Text taken from the Wikisource transcription; script-converted to Devanagari

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सांभळो कामनी कृष्ण कायर कहे, ताहरा मंदिरथको नहीरे जाउं;

अवर को नार नहीं तूज सारखी, जेहने फूल करी हुं बंधाउं.

तुं वनवेलडी, हुं वनमाळी, सींचवे समर्थ द्रष्टि करूं;

तुज पासले राखुं शीतल पाणि धरी, प्रेमनी वाड करूं.

सांभळो सुंदरी एम कहे श्रीहरि, जेनी फूलमाळा करी हुं रे बांध्यो;

चौद भुवनतणां बंधन छोडवुं, में जाण्युं ते मोहनी मंत्र साध्यो.

मान तुं माननी, मान मागी कहुं, नहीं तजुं मंदिर बोल दीधो;

नरसिंहाचो स्वामी, सर्वे रस लह्यो, सुरत सग्राम आधीन कीधो.

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