BhaktiVed
ॐ

संतकृपा

भजनरचना: પ્રીતમ (Pritam)
लिपि
अक्षर आकार

स्रोत और संपादकीय समीक्षा · समीक्षा दर्ज नहीं है
स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/સંતકૃપા (revision 196238)
स्रोत का विवरण
Text taken from the Wikisource transcription; script-converted to Devanagari

उपलब्ध स्रोत और समीक्षा का विवरण यहाँ दिया जाता है। लिपि बदलना अनुवाद नहीं है। परंपराओं में पाठांतर हो सकते हैं।

पद ४२ धोळ ४ थुं.

संत कृपा छूटे माया, काया निर्मळ थाय जो,

श्वासो श्वाश समरण करतां, पांचे पातक जाय जो ने. संत०

केसरी केरे नादे नासे कोटी कुंजर जूथ जो ने,

हिंमत होय तो पोतेपाने सधळी वाते सूथ जो ने. संत०

अग्निने उधेई न लागे, महामणोइने मेल जो ने,

अपार सिंधु महाजळ ऊंडा, मर्मीने मन सहेल जो ने. संत०

बाजीगरनी बाजी ते तो जंबूरो सौ जाणे जो ने,

हरिनी माया बहु बळवंती, संत नजरमां नाणे जो ने. संत०

संत सेवतां सुकृत वाधे, सहेजे सीझे काज जो ने,

प्रीतमना स्वामीने भजतां, पामे अखंड राज जो ने. संत०

इस पाठ का वीडियो नहीं है।YouTube पर खोजें

ये भी पढ़ें