BhaktiVed
कृष्ण

शुं जाणे व्याकरणी

भजनरचना: દયારામ (Dayaram)
लिपि
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स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/શું_જાણે_વ્યાકરણી (revision 204544)
स्रोत का विवरण
Text taken from the Wikisource transcription; script-converted to Devanagari

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शुं जाणे व्याकरणी

शुं जाणे व्याकरणी ? वस्तुने शुं जाणे व्याकरणी ?

मुख पर्यंत भर्युं धृत तदपि स्वाद न जाणे बरणी

सुंदर रीते शाक वघार्युं भोग न पामे भरणी

अंतर मांहे अग्नि वसे पण आनंद न पामे अरणी

निज नाभिमां कस्तुरी पण हर्ष न पामे हरणी

दयो कहे धन दाटीने ज्यम धनवंत कहावे निर्धणी

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