BhaktiVed
कृष्ण

तुं सत्संगनो रस चाख

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)
लिपि
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स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/તું_સત્સંગનો_રસ_ચાખ (revision 204834)
स्रोत का विवरण
Text taken from the Wikisource transcription; script-converted to Devanagari

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तुं सत्संगनो रस चाख

सत्संगनो रस चाख, प्राणी.

तुं सत्संगनो रस चाख.

प्रथम लागे तीखो ने कडवो,

पछी आंबा केरी शाख ... प्राणी, तुं.

आ रे कायानो गर्व न कीजे,

अंते थवानी छे खाख. ... प्राणी, तुं.

हस्ति ने घोडी, माल खजाना,

कांई न आवे साथ. ... प्राणी, तुं.

सत्संगथी बे घडीमां मुक्ति,

वेद पूरे छे साख. ... प्राणी, तुं.

बाई मीरां कहे प्रभु गिरिधरनागर,

हरिचरणे चित्त राख. ... प्राणी, तुं.

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