BhaktiVed
ॐ

अभ्यास जाग्या पछी भमवुं नहीं

भजनरचना: ગંગાસતી (Gangasati)
लिपि
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स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/અભ્યાસ_જાગ્યા_પછી_ભમવું_નહીં (revision 199919)
स्रोत का विवरण
Text taken from the Wikisource transcription; script-converted to Devanagari

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अभ्यास जाग्या पछी भमवुं नहीं

अभ्यास जाग्या पछी बहु भमवुं नहीं

ने न रहेवुं भेदवादीनी साथ रे

कायम रहेवुं एकांतमां

ने माथे सदगुरुजीनो हाथ रे ... अभ्यास जाग्या पछी

तीरथ व्रत पछी करवा नहीं

ने न करवा सदगुरुना करम रे,

एवी रे खटपट छोडी देवी

ज्यारे जणाय मांह्यलानो मरम ... अभ्यास जाग्या पछी

हरिमय ज्यारे आ जगतने जाण्युं

त्यारे प्रपंचथी रहेवुं दुर रे,

मोह सघळो पछी छोडी देवो

ने हरिने भाळवा भरपूर रे ... अभ्यास जाग्या पछी

मंडप ने मेळा पछी करवा नहीं

ए छे अधूरियानां काम रे,

गंगा सती एम बोलिया पानबाई

भाळवा होय परिपूर्ण राम रे .... अभ्यास जाग्या पछी

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