BhaktiVed
ॐ

गुरु / संत

63 पाठ
ॐ
गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु (गुरु वन्दना)स्तोत्र · ▶पढ़ें
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छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाइकेभजन · ▶पढ़ें
ॐ
आज रंग है री माँभजनपढ़ें
ॐ
प्रभु जी तुम चन्दन हम पानीभजन · ▶पढ़ें
ॐ
सुनता है गुरु ज्ञानीभजनपढ़ें
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जे का रंजले गांजलेabhangपढ़ें
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आव्यो मास वसंत वधामणांभजनपढ़ें
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अखंड वरने वरीभजनपढ़ें
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बाल में वैरागण हूंगीभजनपढ़ें
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बांह ग्रहे की लाजभजनपढ़ें
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चाल रमीए सहिभजनपढ़ें
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जे गमे जगत गुरु देव जगदीशनेprabhatiyaपढ़ें
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झेर तो पीधां छे जाणी जाणीभजनपढ़ें
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कहाना तुं तो कामणगारोरेgarbaपढ़ें
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मारां भाग्य फळ्यां रेभजनपढ़ें
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मरी जावुं मायाने मेलीभजनपढ़ें
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म्हारे जनम-मरणरा साथी थांनेभजनपढ़ें
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मोहे लागी लटक गुरु चरननकीभजनपढ़ें
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नागदमनgarbaपढ़ें
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नहि ऐसो जनम बारंबारभजनपढ़ें
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प्रेमरस पानेभजनपढ़ें
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साधु ते जननो संगभजनपढ़ें
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समुद्र सरीखा मारा वीराभजनपढ़ें
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शरीर शोध्या विना सार नहींभजनपढ़ें
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तेने घेर शीद जईए ?भजनपढ़ें
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ऊंचा ऊंचा आभमांभजनपढ़ें
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ऊंची मेडी ते मारा संतनी रेभजनपढ़ें
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शिक्षा शाणानेभजनपढ़ें
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आदि अनादि छे वचन परिपूर्णभजनपढ़ें
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अभ्यास जाग्या पछी भमवुं नहींभजनपढ़ें
ॐ
अचळ वचन कोई दि’ चळे नहिभजनपढ़ें
ॐ
अखेगीताभजनपढ़ें
ॐ
असली जे संत होय तेभजनपढ़ें
ॐ
दीन दयाळु गुरु देवprabhatiyaपढ़ें
ॐ
गुरगम खोजो रे आ घटमांभजनपढ़ें
ॐ
गुरुजी ! नाव्या मारा दीन नो नाथभजनपढ़ें