BhaktiVed
ॐ

जुगती तमे जाणी लेजो

भजनरचना: ગંગાસતી (Gangasati)
लिपि
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स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/જુગતી_તમે_જાણી_લેજો (revision 199939)
स्रोत का विवरण
Text taken from the Wikisource transcription; script-converted to Devanagari

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जुगती तमे जाणी लेजो

जुगती तमे जाणी लेजो पानबाई !

मेळवो वचननो एक तार,

वचन रूपी दोरमां सुरताने बांधो,

त्यारे मटी जशे जमनो मार –

भाई रे ! जुगती जाण्या विना भगती नै शोभे.

मरजाद लोपाई भले जाय.

धरम अनादियो जुगतीथी खेलो

जुगतीथी अलख तो जणाय…. जुगती.

भाई रे ! जुगतीथी सेजे गुरुपद जडे पानबाई !

जुगतीथी तार जोने बंधाय,

जुगतीथी त्रण गुण नडे नहीं

जुगती जाणे तो पर पोंची जाय…. जुगती….

भाई रे ! जुगती जाणी तेने अटकावनार नव मळे.

ते तो हरि जेवा बनी रे सदा,

गंगा रे सती एम बोलियां रे

तने तो नमे जगतमां बधा… जुगती….

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