BhaktiVed
ॐ

జువో నే గగనా హేరీ

భజనరచన: ખીમ સાહેબ (Khim Saheb)
లిపి
అక్షర పరిమాణం

మూలం మరియు సంపాదకీయ సమీక్ష · సమీక్ష నమోదు కాలేదు
మూలం
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/જુઓ_ને_ગગના_હેરી (revision 206521)
మూల వివరాలు
Text taken from the Wikisource transcription; script-converted to Devanagari

అందుబాటులో ఉన్న మూల వివరాలు, సమీక్ష తేదీ ఇక్కడ చూపిస్తాము. లిపి మార్పు అనువాదం కాదు. సంప్రదాయ పాఠాంతరాలు ఉండవచ్చు.

जुओ ने गगना हेरी

जुओ ने गगना हेरी त्यां बंसरी बाजे घेरी घेरी...

जुओ ने गगनां हेरी त्यां बंसरी बाजे घेरी घेरी...

तरवेणीमां टंकशाळ पडत है, ता पर झीणी शेरी ,

अखर अजीता आसन बेठा, नगर बसाया फेरी...

- कोई जुओने गगनमां हेरी....०

घडी घडीनां घडीयाळां वागे, झीणी झीणी वागे सूर घंटेरी,

ढोल नगारां शरणायं वागे, धूम मची हे चो फेरी...

- कोई जुओने गगनमां हेरी....०

गगन मंडळ में कर ले वासा, वहां हे जोगी एक लहेरी,

नूरते सरते नाम नीरख ले , सखमणा माळा फेरी...

- कोई जुओने गगनमां हेरी....

स्वास उच्छवास दोनं नहीं पहोंचे , वहां ले' लागी मेरी,

सतगरए मं ने सान बतावी , जाप हे अजपा केरी...

- कोई जुओने गगनमां हेरी....०

साचा सतगर नेणे नीरख्या, मीट गई रेन अंधेरी,

खीमदास गर्‌ भाण प्रतापे,अब चोट नहीं जम केरी...

- कोई जुओने गगनमां हेरी....०

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