BhaktiVed
ॐ

मारां भाग्य फळ्यां रे

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)
लिपि
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स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/મારાં_ભાગ્ય_ફળ્યાં_રે (revision 204882)
स्रोत का विवरण
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मारां भाग्य फळ्यां रे

आज मारे साधुजनोनो संग रे राणा,

मारां भाग्य फळ्यां रे आज ... (टेक)

साधुजनोनो संग जो करीए पियाजी,

चडे ते चोगणो रंग रे ... मारां भाग्य फळ्यां.

साकुट जननो संग न करीए पियाजी

ए तो पाडे भजनमां भंग रे ... मारां भाग्य फळ्यां.

अडसठ तीरथ संतोने चरणे पियाजी,

कोटि काशी ने कोटि गंग रे ... मारां भाग्य फळ्यां.

निंदा करशे ते तो नर्कमां जाशे पियाजी,

थाशे आंधळां अपंग रे ... मारां भाग्य फळ्यां.

मीरां कहे गिरिधरना गुण गायो पियाजी,

संतोनी रजमां शिर संग रे ... मारां भाग्य फळ्यां.

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