BhaktiVed
कृष्ण

बरसे बदरिया सावन की

भजनरचना: मीराबाई (Meera Bai)Monsoon (Shravan) bhajan

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बरसे बदरिया सावन की।

सावन की मन भावन की॥

सावन में उमग्यो मेरो मनवा, भनक सुनी हरि आवन की।

बरसे बदरिया सावन की।

उमड़ घुमड़ चहुँ दिसा से आयो, दामिनि दमकै झर लावन की।

बरसे बदरिया सावन की।

नन्हीं नन्हीं बूँदन मेहा बरसै, शीतल पवन सुहावन की।

बरसे बदरिया सावन की।

मीरा के प्रभु गिरिधर नागर, आनन्द मंगल गावन की।

बरसे बदरिया सावन की।

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स्रोत: Meera Bai pad; standard Meera Padavali text as commonly sung

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