BhaktiVed
ॐ

म्हारे जनम-मरणरा साथी थांने

भजनरचना: મીરાંબાઈ (Meera Bai)
लिपि
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स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/મ્હારે_જનમ-મરણરા_સાથી_થાંને (revision 197612)
स्रोत का विवरण
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राग प्रभावती - ताल तिताला

म्हारे जनम-मरणरा साथी थांने, नहि बिसरुं दिन रती;

थां देख्यां बिन कल न पडत है, जाणत मेरी छाती.

ऊंची चढ-चढ पंथ निहारुं, रोय-रोय अखियां राती;

यो संसार सकल जग जूठो, जूठा कुलरा न्याती.

दोउ कर जोड्या अरज करुं छुं, सुण लीज्यो मारी बाती;

यो मन मेरो बडो हरामी, ज्यूं मदमातो हाथी.

सतगुरु हाथ धरो सिर उपर, आंकुस दौ समझाती;

पल-पल पिवको रूप निहरुं, नीरख नीरख सुख पाती;

मीरां के प्रभु विरिधर नागर, हरिचरणां चित्त राती.

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