BhaktiVed
ॐ

पी लेवो होय तो रस पी लेजो

भजनरचना: ગંગાસતી (Gangasati)
लिपि
अक्षर आकार

स्रोत और संपादकीय समीक्षा · समीक्षा दर्ज नहीं है
स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/પી_લેવો_હોય_તો_રસ_પી_લેજો (revision 199952)
स्रोत का विवरण
Text taken from the Wikisource transcription; script-converted to Devanagari

उपलब्ध स्रोत और समीक्षा का विवरण यहाँ दिया जाता है। लिपि बदलना अनुवाद नहीं है। परंपराओं में पाठांतर हो सकते हैं।

पी लेवो होय तो रस पी लेजो

पी लेवो होय तो रस पी लेजो पानबाई

पियालो आव्यो भक्तो काळनो

वखत वीती गया पछी पस्तावो थाशे ने

अचानक खाशे तमने काळ रे .... पी लेवो होय

जाणवी रे होय तो वस्तु जाणी लेजो पानबाई

नहिंतर जमीनमां वस्तु जाशे रे,

नखशीख गुरुजीने हृदयमां भरीए रे

ठालववानुं ठेकाणुं कहेवाशे रे ... पी लेवो होय

आप रे मूवा विना अंत नहीं आवे ने

गुरु ज्ञान विना गोथां खाशे रे,

खोळामां बेसाडी तमने वस्तु आपुं

आपवापणुं तरत जडी जावे रे .... पी लेवो होय

वखत आव्यो छे तमारे चेतवानो पानबाई

मन मेलीने थाओ होंशियार रे,

गंगा सती एम बोलिया रे

हेतना बांधो हथियार रे .... पी लेवो होय

इस पाठ का वीडियो नहीं है।YouTube पर खोजें

ये भी पढ़ें