BhaktiVed
ॐ

सानमां रे शान तमने गुरुजीनी कहुं

भजनरचना: ગંગાસતી (Gangasati)
लिपि
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स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/સાનમાં_રે_શાન_તમને_ગુરુજીની_કહું (revision 199996)
स्रोत का विवरण
Text taken from the Wikisource transcription; script-converted to Devanagari

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सानमां रे शान तमने गुरुजीनी कहुं

सानमां रे शान तमने गुरुजीनी कहुं पानबाई

उपजे आनंद केरा ओघ रे,

सिद्ध अनुभव जेना उरमां प्रगटे

ने मटी जाय माया केरो क्षोभ रे ... सानमां रे

चौद लोकथी वचन छे न्यारुं पानबाई

एनी तो करी लो ओळखाण रे,

यथार्थ बोध वचननो सुणो पानबाई

मटी जाय मननी ताणवाण रे ... सानमां रे

वचन थकी चौद लोक रचाणां ने,

वचन थकी चंदा ने सूरज रे,

वचन थकी रे माया ने मेदनी

वचन थकी वरसे साचा नूर रे .... सानमां रे

वचन जाण्युं एणे सर्वे जाण्युं पानबाई

भणवुं पडे नहीं बीजुं कांई रे,

गंगा सती एम करी बोल्यां रे

नडे नहीं माया केरी छांय रे .... सानमां रे

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