BhaktiVed
ॐ

सत्य वस्तुमां जेनुं चित्त

भजनरचना: ગંગાસતી (Gangasati)
लिपि
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स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/સત્ય_વસ્તુમાં_જેનું_ચિત્ત (revision 199992)
स्रोत का विवरण
Text taken from the Wikisource transcription; script-converted to Devanagari

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सत्य वस्तुमां जेनुं चित्त

सत्य वस्तुमां जेनुं चित्त भळी गयुं

ए चारे वाणी थकी पार रे,

स्वप्नमां पण जे चळे नहीं

ए तो निर्भय नर ने नार रे ... सत्य वस्तुमां

भेदवाणीपणानो संशय टळी गयो ने

मटी गयो वर्णविकार रे,

तनमनधन जेणे पोतानुं मान्युं ना

सतगुरु साथे जे एकतार रे ... सत्य वस्तुमां

एवाने उपदेश तुरत ज लागे

जेणे पाळ्यो सांगोपाग अधिकार रे,

अलौकिक वस्तु आ एवाने कहेजो

नहीं तो रहेशे ना कंई सार रे ... सत्य वस्तुमां

हरि गुरु संतने एक रूप जाणजो

ने रहेजो स्वरूपमां लीन रे,

गंगासती एम बोलियां रे पानबाई

समजु तमे छो महापरवीण रे ... सत्य वस्तु

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