BhaktiVed
ॐ

शिक्षा शाणाने

भजनरचना: દયારામ (Dayaram)
लिपि
अक्षर आकार

स्रोत और संपादकीय समीक्षा · समीक्षा दर्ज नहीं है
स्रोत
Gujarati Wikisource, https://gu.wikisource.org/wiki/શિક્ષા_શાણાને (revision 204542)
स्रोत का विवरण
Text taken from the Wikisource transcription; script-converted to Devanagari

उपलब्ध स्रोत और समीक्षा का विवरण यहाँ दिया जाता है। लिपि बदलना अनुवाद नहीं है। परंपराओं में पाठांतर हो सकते हैं।

शिक्षा शाणाने

सरव काम छांडीने परथम श्रीगुरु गोविन्द भजिये जी;

सकल कामना – सिद्घि जेथी, वारे तेहेने तजिये.

शिक्षा शाणाने….

परोपकार, प्रीति, मृदु वाणी; मोटा जन ते जाणोजी;

निर्दय, आपस्वारथी, जूठा; ते नीचा परमाणो.

शिक्षा शाणाने…..

खरी मेहेनतनुं द्रव्य जोडिये, नीच नजर ना करिये जी;

पाछलथी पस्तावो उपजे, हाण हांसीथी डरिये.

शिक्षा शाणाने…..

विना विचार्युं काम करे ते पाछलथी पस्ताय जी;

बगडी बूंद न होजे सघरे, मळे न तक जे जाय.

शिक्षा शाणाने…..

ऋण काढीने खरच न करिये, दाटी न सहिये दु:खजी;

जेहेवी संपत तेहेवुं भोजन, सदा पामिये सुख्ख.

शिक्षा शाणाने……

सुख आव्ये छाकी न जैये, दु:ख आव्ये नव डरिये जी;

आपणाथी अघिकांने जोइने गरव क्लेशने हरिये.

शिक्षा शाणाने…..

लाख गमावी साख राखजो, साखे मळशे लाख जी;

लाख खरचतां साख नहि मळे, साख गये सहु खाख.

शिक्षा शाणाने……

इस पाठ का वीडियो नहीं है।YouTube पर खोजें

ये भी पढ़ें