BhaktiVed
ॐ

रहना नहिं देस बिराना है

భజనరచన: कबीर (Kabir)

ఈ పాఠం ఇంకా సరిచూడబడలేదు.

रहना नहिं देस बिराना है।

यह संसार कागद की पुड़िया, बूँद पड़े घुल जाना है।

यह संसार काँट की बाड़ी, उलझ पुलझ मरि जाना है॥

रहना नहिं देस बिराना है।

यह संसार झाड़ और झाँखर, आग लगे बरि जाना है।

कहत कबीर सुनो भाई साधो, सतगुरु नाम ठिकाना है॥

रहना नहिं देस बिराना है।

ఈ పాఠానికి వీడియో లేదు.YouTubeలో వెతకండి
మూలం: Kabir pad; text as commonly sung

ఇవి కూడా చదవండి