BhaktiVed
Krishna

Airi Main To Prem Divani

BhajanAuthor: मीराबाई (Meera Bai)

This text is still being proofread.

ऐरी मैं तो प्रेम दीवानी, मेरो दरद न जाणै कोय।

घायल की गति घायल जाणै, जो कोई घायल होय।

जौहरी की गति जौहरी जाणै, की जिन जौहर होय॥

ऐरी मैं तो प्रेम दीवानी, मेरो दरद न जाणै कोय।

सूली ऊपर सेज हमारी, किस बिध सोणा होय।

गगन मंडल पर सेज पिया की, किस बिध मिलणा होय॥

ऐरी मैं तो प्रेम दीवानी, मेरो दरद न जाणै कोय।

दरद की मारी बन बन डोलूँ, बैद मिल्या नहिं कोय।

मीरा की प्रभु पीर मिटैगी, जब बैद साँवलिया होय॥

ऐरी मैं तो प्रेम दीवानी, मेरो दरद न जाणै कोय।

Source: Meera Bai pad; standard Meera Padavali text as commonly sung

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