BhaktiVed
కృష్ణుడు

होली खेलत हैं गिरिधारी

భజనరచన: मीराबाई (Meera Bai)Holi bhajan

ఈ పాఠం ఇంకా సరిచూడబడలేదు.

होली खेलत हैं गिरिधारी।

मुरली चंग बजत डफ न्यारो, संग जुबती ब्रजनारी॥

चन्दन केसर छिड़कत मोहन, अपने हाथ बिहारी।

भरि भरि मूठि गुलाल लाल संग, श्यामा प्राण पियारी॥

होली खेलत हैं गिरिधारी।

गावत चार धमार राग तहँ, दै दै कल करतारी।

फाग जु खेलत रसिक साँवरो, बाढ़्यो रस ब्रज भारी॥

होली खेलत हैं गिरिधारी।

मीरा कूँ प्रभु गिरिधर मिलिया, मोहन लाल बिहारी।

होली खेलत हैं गिरिधारी॥

ఈ పాఠానికి వీడియో లేదు.YouTubeలో వెతకండి
మూలం: Meera Bai pad; standard Meera Padavali text as commonly sung

ఇవి కూడా చదవండి