BhaktiVed
Krishna

Main To Sanvare Ke Rang Rachi

BhajanAuthor: मीराबाई (Meera Bai)

This text is still being proofread.

मैं तो साँवरे के रंग राची।

साजि सिंगार बाँधि पग घुँघरू, लोक लाज तजि नाची।

मैं तो साँवरे के रंग राची।

गई कुमति लई साधु की संगति, भगत रूप भई साँची।

मैं तो साँवरे के रंग राची।

गाय गाय हरि के गुण निस दिन, काल ब्याल की बाँची।

मैं तो साँवरे के रंग राची।

उण बिन सब जग खारो लागत, और बात सब काँची।

मैं तो साँवरे के रंग राची।

मीरा श्री गिरिधरन लाल सूँ, भगति रसीली जाँची।

मैं तो साँवरे के रंग राची।

Source: Meera Bai pad; standard Meera Padavali text as commonly sung

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