BhaktiVed
ॐ

సర్వ ఈతిహాసనో సిద్ధాంత ఏక ఛే

భజనరచన: ગંગાસતી (Gangasati)
లిపి
అక్షర పరిమాణం

మూలం మరియు సంపాదకీయ సమీక్ష · సమీక్ష నమోదు కాలేదు
మూలం
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మూల వివరాలు
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అందుబాటులో ఉన్న మూల వివరాలు, సమీక్ష తేదీ ఇక్కడ చూపిస్తాము. లిపి మార్పు అనువాదం కాదు. సంప్రదాయ పాఠాంతరాలు ఉండవచ్చు.

सर्व ईतिहासनो सिद्धांत एक छे

सर्व ईतिहासनो सिद्धांत एक छे

समजवी सदगुरु केरी शान रे,

विपत्ति आवे पण वृति न डगाववी

मेली देवुं अंतरनुं मान रे .... सर्व ईतिहासनो

प्रख्याति तो पानबाई एवानी थई छे

जेणे शीशने कर्या कुरबान रे,

विपत्ति तो एना उरमां न आवे

जेने महाराज थया महेरबान रे ... सर्व ईतिहासनो

शीश तो पडे जेना, धड नव रहे

जेणे साचो रे मांड्यो संग्राम रे,

पोतानुं शरीर जेणे व्हालुं नव कीधुं,

त्यारे रीझे आतमराम रे .... सर्व ईतिहासनो

भक्ति विना भगवान रीझे नहीं

भले कोटि करे उपाय रे,

गंगा सती एम रे बोलिया, पानबाई

आपदा भक्ति विना नव जाय रे ... सर्व ईतिहासनो

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